अगर आप सरकारी नौकरी के लिए टाइपिंग टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं, तो आपने 'मंगल फॉन्ट' (Mangal Font) का नाम जरूर सुना होगा। विद्यार्थियों में अक्सर इस फॉन्ट को लेकर भ्रम रहता है। आइए इसे गहराई से समझते हैं।
यूनिकोड (Unicode) क्या है?
यूनिकोड एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जो दुनिया की हर भाषा के हर अक्षर के लिए एक अद्वितीय 'कोड' प्रदान करता है। पहले के समय में, कृतिदेव जैसे फॉन्ट इस्तेमाल होते थे जो सिर्फ उसी कंप्यूटर पर दिखते थे जहां वे इंस्टॉल थे। लेकिन यूनिकोड आधारित टेक्स्ट को आप कहीं भी भेज सकते हैं, वह कभी नहीं बदलेगा।
मंगल (Mangal) क्या है?
मंगल वास्तव में एक फॉन्ट का नाम है जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने हिंदी के लिए तैयार किया है। यह 'यूनिकोड' के नियमों का पालन करता है। आज के समय में भारत की लगभग सभी भर्ती परीक्षाएं (CPT/DEST) मंगल फॉन्ट में ही आयोजित की जाती हैं।
मंगल बनाम कृतिदेव (Mangal vs KrutiDev)
तकनीक: मंगल यूनिकोड तकनीक पर आधारित है, जबकि कृतिदेव एएससीआईआई (ASCII) तकनीक पर।
कीबोर्ड लेआउट: मंगल फॉन्ट के साथ 'इनस्क्रिप्ट' या 'रेमिंगटन गैल' का उपयोग किया जा सकता है। कृतिदेव के साथ केवल 'रेमिंगटन' लेआउट ही काम करता है।
इंटरनेट: मंगल में टाइप किया गया डेटा गूगल पर सर्च किया जा सकता है, फेसबुक/व्हाट्सएप पर भेजा जा सकता है। कृतिदेव वेब पर केवल कचरे (garbage characters) की तरह दिखेगा।परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
यदि आपके एडमिट कार्ड में लिखा है "Typing Test in Mangal Script", तो इसका मतलब है कि आपको यूनिकोड टाइपिंग करनी है। आप TypeHindi पर जिस इनस्क्रिप्ट लेआउट का अभ्यास करते हैं, वह मंगल फॉन्ट के साथ पूरी तरह संगत है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें
- मंगल फॉन्ट आपके विंडोज में पहले से ही होता है।
- इसे इंस्टॉल करने की अलग से जरूरत नहीं पड़ती।
- परीक्षा में मंगल फॉन्ट के साथ कभी-कभी रेमिंगटन लेआउट भी दिया जाता है, लेकिन इनस्क्रिप्ट सबसे विश्वसनीय है।
निष्कर्ष
यूनिकोड आज की जरूरत है। मंगल फॉन्ट ने हिंदी टाइपिंग को ग्लोबल बना दिया है। यदि आप सही तकनीक (इनस्क्रिप्ट) से अभ्यास करते हैं, तो मंगल फॉन्ट पर टाइप करना आपके लिए बेहद आसान होगा।